Monday, September 7, 2009

रिश्ते और बेहतर हो सकते हैं

ये आंसुओ से तर हो सकते हैं
रिश्ते और बेहतर हो सकते हैं

चंद सांसे अभी भी बाकी हैं
मेरे नुख्से कारगर हो सकते हैं

हमें अब तक यकीं नहीं आया
वो भी सितमगर हो सकते हैं

ये वक़्त का एक फलसफा है
फूल भी पत्थर हो सकते हैं

नुकसान की तो बात न करो
ये जनाब जानवर हो सकते हैं

दरख्त सूखने लगे अचानक
कई परिंदे बेघर हो सकते हैं

इस तरह मुलाक़ात की उसने
ये चर्चे उम्र भर हो सकते हैं

अपने घर में कभी न सोचा
हम भी बेक़दर हो सकते हैं

बात यकीं पे आके रुकती है
सायेबां सूखे शजर हो सकते हैं

कैफ़ियत यूँ ठीक नहीं अपनी
तीर-ए-नज़र बेअसर हो सकते हैं